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इलाहाबाद विश्वविद्यालय की गरिमा हुई तार तार, यौन उत्पीड़न के आरोप में प्रोफेसर निलंबित

इलाहाबाद विश्वविद्यालय को कभी पूरब का ऑक्सफोर्ड कहा जाता था और इसकी देशभर में सबसे उच्च शिक्षण संस्थान के रूप में गरिमा थी। मगर वक्त भी अपना पाला बदलता है। देश के सर्वोत्तम शिक्षण संस्थान के रूप में जाने जाने वाले इलाहाबाद विश्वद्यालय की हालत आज किसी से छिपी नहीं है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा जारी किए गए विश्वविद्यालयों की सूची में जहां यह विश्वविद्यालय टॉप 200 की सूची से भी बाहर हो गया। वहीं दूसरी ओर इस विश्वविद्यालय को एक और झटका लगा है विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ सूर्य कुमार को यौन उत्पीड़न के मामले में निलंबित कर दिया गया है।

यह निर्णय बुधवार को विश्वविद्यालय की एग्जीक्यूटिव टीम के बैठक के बाद हुआ। डॉक्टर सूर्यकुमार हिंदी विभाग के प्रोफ़ेसर पर निलंबन के बाद वह हिंदी विभाग के डीन कार्यालय से संबद्ध रहेंगे। उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में जांच भी चल रही है।

डॉ सूर्य कुमार पर हिंदी विभाग में अतिथि प्रवक्ता के रूप में कार्य कर रही एक महिला ने 30 अप्रैल 2018 को अपने कार्यकाल के आखिरी दिन यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। उन्होंने 2017-18 में आतिथि प्रवक्ता के रूप में कार्य किया। मगर विभाग में स्थाई नियुक्ति हो जाने के कारण अतिथि प्रवक्ता का पद नहीं बचा। जिसके कारण उन्होंने विश्वविद्यालय छोड़ दिया और जाते-जाते डॉ सूर्यकुमार पर यह आरोप लगा गईं।

इस पूरे यौन उत्पीड़न मामले की जांच के लिए गठित कमेटी में डॉ सूर्यकुमार अपना पक्ष भी रख चुके हैं। 2 दिन पहले ही डॉक्टर सूर्यकुमार ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति से छुट्टी मांगी थी। उन्होंने कुलपति से इस पूरे मामले की समय लेकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। यह मामला तो 2 साल पुराना है। मगर विश्वविद्यालय प्रशासन कुछ दिनों से हरकत में नहीं था। मगर अब वह अचानक हरकत में आया है और इसी के चलते डॉ सूर्य कुमार को उनके पद से निलंबित कर दिया गया।

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इलाहाबाद विश्वविद्यालय की गरिमा हुई तार तार, यौन उत्पीड़न के आरोप में प्रोफेसर निलंबित
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विश्वविद्यालय को एक और झटका लगा है विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ सूर्य कुमार को यौन उत्पीड़न के मामले में निलंबित कर दिया गया है।
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